समग्र विकास के पथ पर... - राजेश पांडे

“युवाओं की क्षमता अनुसार उन्हें विविध अवसर प्रदान कर सशक्त बनाते हुए भारत को विश्व भर में उसका सही स्थान दिलाना” यह आज देश का मंत्र है| मुझे इस बात का गर्व और ख़ुशी महसूस होती है की नैशनल युवा को-ऑपरेटिव्ह सोसायटी लिमिटेड (एन.वाय.सी.एस इंडिया) अपने प्रारंभ काल से ही याने करीबन दो दशकों से इसी विचारधारा के आधार पर कार्य कर रही है| व्यक्ति विकास, शैक्षणिक विकास, सामाजिक विकास, आर्थिक विकास के समग्र एवं चतुरस्त्र विकास से ही हम युवाओं को और इन युवाओं के माध्यम से देश को उन्नति की और ले जा सकते हैं| इस विशाल कार्य में सरकार को कई सहकारी समितियों, गैर सरकारी संगठनों, संस्थाओं आदि के सहभाग की जरूरत है| केवल सरकार की नीतियों और निर्णयों का समर्थन करने वाली जनता से नहीं अपितु जनमानस के लिए कार्यान्वित की हुई किसी भी योजना में जन सामान्य की प्रत्यक्ष सहभागिता ही इन योजनाओं को सही अर्थ में पूर्णत्व का रूप देगी|

सरकार की कई योजनाओं में “एन.वाय.सी.एस इंडिया” कार्यान्वयन साथी के रूप में कार्यरत है| जब मैं इस बात का विचार करता हूँ कि अपनी योजनाओं में हमपर विश्वास रखते हुए और इसी विश्वास की नींव पर हमें यह महत्वपूर्ण दायित्व और भूमिका सौंपते हुए देश ने, देश की सरकार ने हमारी संस्था में क्या देखा होगा – तो उत्तर सीना फैलाए मेरे सामने खड़ा होता है| हमारे पास युवा शक्ति है – अपनी कार्यप्रेरणा  से प्रेरित युवकों की टोली है, नवनिर्माण के उत्साह से भरपूर युवकों का समूह है| एन.वाय.सी.एस इंडिया से जुड़े हर जिले के प्रतिनिधि ही हमारी खरी शक्ति है, हमारा सार्थक बल है|

स्वामी विवेकानंद कहा करते थे कि – “Take up one idea. Make that one idea your life - think of it, dream of it, and live on that idea. Let the brain, muscles, nerves, every part of your body, be full of that idea and just leave every other idea alone. This is the way to success.” हम “युवा विकास से राष्ट्र विकास” के मंत्र से प्रेरित भारत की महानता, विकसनशीलता, क्षमता और व्यवस्था को एक सफल और शाश्वत सत्य बनाने के ध्येय पर सिर्फ चलते नहीं, ध्येय को जीते हैं और इसीलिए आज देश हमें बस एक सहकारी संस्था की भांति नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में समर्पित जीते जागते राष्ट्र पुरुष के रूप में देखता है| भारत को एक विकसित देश बनाने हेतु अपने पुरे सामर्थ्य से कार्य-लीन संस्थाओं के बीच “एन.वाय.सी.एस इंडिया” की अपनी एक अलग पहचान बन रही है इस बात का आनंद अवर्णनीय है|

मगर साथ ही समाज की, समाज के हर युवा की और साथ में राष्ट्र की हमसे कुछ अपेक्षा है, कुछ उम्मीद है| क्या हम उनकी अपेक्षापूर्ति के लिए तैयार हैं? क्या हम विकास और नवनिर्माण के पथ पर हर संभव प्रयत्न करने के लिए प्रणित हैं? हाँ – मैं मानता हूँ हम बिल्कुल तैयार हैं| युवाओं को कुशल और सक्षम बनाकर उन्हें रोज़गार या उद्योग योग्य बनाने के लिए “एन.वाय.सी.एस इंडिया” कटिबद्ध हैं| हाल ही में मैंने Federation Of Indian Chambers Of Commerce And Industry (FICCI) द्वारा प्रकाशित “Economy Of Jobs” यह रोचक किताब पढ़ी| इसमें भारत में आने वाले दिनों में महत्ता रखने वाले कई रोजगार क्षेत्रों का विवरण है और युवाओं के लिए इन क्षेत्रों में मिलने वाले अवसरों का ब्यौरा भी| औद्योगीकरण और तकनीकीकरण के दौर में, मानव संचलित कार्यों को बनाये रखना और बढती युवा आबादी के लिए रोजगार के नए अवसर खोजने की बात पर बड़े बड़े दिगज्जों के लेख इसमें सम्मिलित हैं| भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए युवा पीढ़ी को कुशल कार्यबल में परिवर्तित करने पर सभी का एकमत रहा है|

एन.वाय.सी.एस युवाओं को शैक्षणिक एवं आर्थिक रूप से सबल बनाने हेतु जो आवश्यक कौशल अर्जन हैं वह प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना तथा महाराष्ट्र सरकार के साथ “कौशल्य सेतु” के माध्यम से उपलब्ध करा रही है | केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार के साथ विविध कार्यक्षेत्रों या सेक्टर्स में हम छह महीने के छोटे ट्रेनिंग कोर्सेस चला रहे हैं जो युवाओं को अच्छी आजीविका का साधन दे सकें|

युवाओं की उर्जा का और खेलकूद जैसी गतिविधियों में प्रतिस्पर्धात्मकता की क्षमता का विकास होना भी बहुत अधिक आवश्यक है| एथलीटों के लिए गेल रफ़्तार इन्डियन स्पीड स्टार के साथ साथ हमने फुटबॉल के क्षेत्र में बालिकाओं को बढ़ावा देने के लिए, देश भर में “खेलेगी तो खिलेगी” मुहीम की शुरवात की है|  “प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना” के अंतर्गत देश भर में जन औषधि केंद्र प्रस्थापित करते हुए समाज सवास्थ्य के साथ साथ युवाओं को उद्यम विकास का अवसर मुहैय्या कराने में हम प्रयत्नशील हैं| हम युवाओं को उनकी क्षमता, पसंद, और इच्छा अनुसार अवसर उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास कर रहे हैं ताकि वें भी परिवार, समाज, प्रदेश या राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका का निर्वहन करने में सक्षम हो सकें| कौशल, उद्योजकता, खेल तथा स्वास्थ्य संबंधी इन योजनाओं से मुझे विश्वास है की युवाओं को सकल विकास का वातावरण मिलेगा और हमारे इन प्रयत्नों से अभिप्रेरित होकर युवा ही युवाओं के लिए उन्नति और विकास के महाद्वार खोलेंगे| एन.वाय.सी.एस इंडिया देश का सबसे बड़ा युवाओं का नेटवर्क है जिसके जरिए अन्य युवाओं को भी संपूर्ण विकास के पथ पर साथ लेते हुए हम प्रधान मंत्रीजी के “सबका साथ – सबका विकास” के महामार्ग पर पहुँचने का संकल्प करते हैं|