Kovida In Kashmir... Skilling India !!

देश के युवाओं को सक्षम बनाने का प्रधानमंत्री श्री. नरेंद्र मोदीजी का जो सपना है, उसकी पूर्ति करते हुए प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत “ट्रेनिंग पार्टनर” के रुप में एन.वाय.सी.एस अपनी कौशल शाखा “कोविदा” के तहत कल १९ जनवरी २०१७ को कश्मीर में खोनमोह, पट्टन तथा श्रीनगर में कश्मीरी युवाओं के कौशल विकास के लिए कोविदा कौशल केंद्रों को प्रस्थापित किया|

कौशल और उद्यम विकास केंद्र मंत्री श्री. राजीव प्रताप रूडी जी की उपस्थिती में खोनमोह के “अर्श इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ सायन्स एंड टेक्नोलॉजी” के केंद्र  में तीनों केंद्रों का यह सम्मिलित कार्यक्रम संपन्न हुआ| खोनमोह के अर्श इंस्टिट्यूट के साथ साथ पट्टन केंद्र “खिदमत आर्ट गैलरी” और श्रीनगर केंद्र “राजदूत प्लेसमेंट एंड सेक्युरिटी कार्यालय” से संचालित होगा| इर्द गिर्द के दस-ग्यारह जिलों से युवकों ने इन केंद्रों में दाखिला ले लिया है| छात्रों को यहाँ हॉस्टल तथा ट्रांसपोर्ट सुविधा भी प्राप्त कराने का प्रयास भी एन.वाय.सी.एस ने किया है| इन केंद्रों में करीब ११ कार्य भूमिकाओं(job roles) के लिए कोर्सेस होंगे|

कौशल विकास से राष्ट्र विकास हमारा ध्येय है – और जब हम राष्ट्र विकास की बात करते हैं तो हम राष्ट्र के कोने कोने की बात करते हैं, जन जन की बात करते हैं, हर भाषा, हर राज्य, हर संस्कार के साथ हर मजहब, हर इमान और हर तहज़ीब की बात करते हैं| हमारी यही कोशिश रहती है कि अपनी हर परियोजना को देश के हर प्रांत में ले जाएँ|

कश्मीर की घाटी से आती तनाव की खबरें हमारी इस आस्था को विचलित नहीं करती कि यदि हम गणतंत्र में विश्वास रखते हैं तो कश्मीर की जम्हूरियत भी इंसानियत को मानती है| कश्मीरियत को भी अपने भविष्य के लिए घाटी में फैले सफ़ेद बर्फ का रंग चाहिए और यह तभी संभव है जब यहाँ के युवा को भी बाकी भारत की तरह विकास और विश्वास मिले| एन.वाय.सी.एस इन कौशल केंद्रों के माध्यम से कश्मीरी युवकों को विकास का विश्वास दिलाना चाहती है जिससे कि “सभी का साथ, सभी का विकास” का सिद्ध-मंत्र सत्य कर सके|

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री. राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि सामान्य औपचारिक शिक्षा के साथ साथ कौशल विकास का हाथ थाम कर युवाओं को रोजगार के नए अयाम मिलेंगे| खोनमोह के अर्श इंस्टीट्यूट के फौंडर चेयरमन मुहम्मद अन्वर खान इस पहल से प्रेरित होकर अपने आप से इस पूरे प्रोग्राम को दूर दराज़ के इलाकों तक भी पहुँचाने का वादा रखते हैं|

गणतंत्र दिवस के कुछ ही दिन पहले उद्घाटन हुए इन तीनों केंद्रों के साथ साथ एन.वाय.सी.एस जम्मू कश्मीर में और भी कौशल केंद्र स्थापित करने का मानस रखती है जिससे कि कश्मीर घाटी के दूसरे युवाओं को भी उत्थान और उत्कर्ष का अवसर मिले| इन प्रस्थापित एवं प्रकल्पित केंद्रों के जरिए श्रीनगर, बारामुल्लाह, अनंतनाग, बडगाम, शोपियाँ, पुलवामा, गंदरबल, कुलगाम, कुपवाड़ा और बांदीपोरा जिलों तक पहुँचने की हमारी कोशिश रहेगी|