युवाओं के सक्षमीकरण हेतू नयी कल्पनाओं की आवश्यकता - व्ही. मुरलीधरन


उन्होंने कहा की, देश की युवा जनता के सक्षमीकरण के लिये विशेष मेहनत की आवश्यकता है. इस युवा वर्ग के माध्यम से हम उद्यमिता का विकास कर सकते हैं, इनके द्वारा रोजगार सृजन किया जा सकता है. इस हेतु विशेष प्रयास की आवश्यकता है. वर्ष २०२० तक हमारे देश के ५०% नागरिक औसतन २९ वर्ष की आयु के होंगे. इन सभी लोगों का आर्थिक विकास करना हमारे लिए एक बहुत बडी चुनौती है. और एन.वाय.सीएस इस दिशा में अनेक प्रयत्न कर रहा है. हमे भारत को सर्वोच्च आर्थिक शक्ति बनाना है. 

सहयोग संस्था एक शक्ति :

सहयोग संस्थाओं के बारे में उन्होंने कहा की, एनवायसीएस एक सहयोग संस्था (को-ऑपरेटिव्ह सोसायटी) है. सहयोग संस्था अपने आप में एक बडी शक्ति है. केरल में एक सहयोग संस्था सबसे बडे आयटी पार्क का निर्माण कर रही है. यह पहली बार है की कोई सहयोग संस्था इतने बडे आयटी पार्क का सृजन कर रही है. सडकों के निर्माण में भी सहयोग संस्थाएँ काफी बडा योगदान दे रही हैं. युवाओं के विकास हेतु स्थापित एनवायसीएस भी इन्हीं में से एक है. और युवाशक्ति के सक्षमीकरण में यह एक मील का पत्थर है. 

नयी कल्पनाओं, नये क्षेत्रों की आवश्यकता :  

देश के युवाओं के आर्थिक विकास हेतु और देश को सर्वोच्च आर्थिक शक्ति बनाने की दृष्टी से हमें नयी कल्पनाओं नये क्षेत्रों के विकास की आवश्यकता है. यदी नये क्षेत्रों का विकास किया गया, नयी कल्पनाओं का सृजन किया गया, तो युवाओं के लिए नये रोजगार के अवसर, उद्यमिता के अवसर तैयार होंगे. जो भारत के आर्थिक विकास की दृष्टी से महत्वपूर्ण है.